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सारे NGO वाले कहाँ गये ........... ......अब ,


इराक में शादी के लिए अब 8 वर्ष की उम्र,
.
पति की सेक्स डिमांड को महिलाएं नहीं कर
सकती इनकार
.
अब मुसलमान 8 साल की बच्चियों से कर सकेंगे
निकाह और सेक्स भी. ..क़ानून पारित
.
या अल्लाह अब क्या मुसलमान अपनी हवस के
लिए 8 --8 साल
की बच्चियों को भी नही छोड़ेंगे ?
.
अब ऐसी बातें लिखता हू तो लोग नाराज़ होने
लगते हैं.. पूरे देश मे ऐसे क़ानून को इस्लाम
का हवाला दे कर पारित करवाया गया है ..
क्या उन बच्चियों के लिए आवाज़ उठाना फ़र्ज़
नही है ?
यही नही ..देखिए कैसे निर्लज्ज मुसलमा होते
हैं .. निकाह करेंगे और अगर 8 साल
की बच्चियों ने सेक्स से इनकार किया तो मर्द
तलाक़ दे देंगे ... अरे डूब मरो ... डूब मरो.. अगर
हर मुसलमान बुरे नही होते तो बाहर निकल सड़क
पर आ कर विरोध करो.. पूरी दुनिया मे विरोध
हो रहा हैं इसके खिलाफ...
.
इराक में प्रस्तावित नए कानून के अनुसार, 8
वर्ष उम्र
की लड़कियों की शादी की जा सकती है। इस
कानून के अनुसार, पति की हर मांग पर
महिला को सेक्स की अनुमति देनी पड़ेगी। इसके
लिए वह इनकार नहीं कर सकती है। अगर वह
मना करेगी तो कानून के अनुसार उसे तलाक
का सामना करना पड़ सकता है। अब निकाह के
लिए क़ानूनी उम्र 8 साल की कर दी गयी है ..
यहाँ चुनाव होने है और वर्तमान सरकार ने
मुसलमान वोटर्स को खुश करने के लिए यह
क़ानून जिसके तहत 8 साल की बच्ची से
वो सेक्स कर सकते हैं का प्रस्ताव पारित
किया गया है
.
अरे कल तक तो हिंदू दुश्मन लगते थे .. आज
क्या खुद तुम्हारी बच्चियाँ दुश्मन हो गयी .. ?
अब ये सब करोगे ? मुझे मालूम है कि कोई
भी मुसलमान इसके खिलाफ सड़क पर
नही आएगा क्यूँ की सब की हवस उतनी ही है
जितना उस देश के मुसलमानो की ..
.
सच मे अब इस समाचार के बाद समझ नही आ
रहा की मै क्या बोलू और क्या लिखू .. सेकुलर्स
भी यही सब चाहते हैं इसलिए सपोर्ट करते
हैं ....छि:...छि .:

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