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सुबह जल्दी नहाने से बढ़ती है चेहरे की चमक और मिलते हैं ये फायदे

अच्छे स्वास्थ्य और सुंदर शरीर के लिए जरूरी है रोज नहाना। नहाने के लिए सबसे अच्छा समय सुबह-सुबह का ही होता है। शास्त्रों में सुबह जल्दी नहाने के कई चमत्कारी फायदे बताए गए हैं। नहाते समय यहां दी गई बातों का ध्यान रखेंगे तो सभी देवी-देवताओं की कृपा प्राप्त हो सकती है और कुंडली के दोष भी शांत हो सकते हैं। साथ ही, स्वास्थ्य लाभ भी प्राप्त होते हैं।
 
सुबह जल्दी नहाने के फायदे...
 
शास्त्रों के अनुसार सुबह जल्दी जागना अनिवार्य बताया है। जल्दी जागकर सूर्योदय से पूर्व नहाने से त्वचा की चमक बढ़ती है और दिनभर के कामों में आलस्य का सामना नहीं करना पड़ता है। जबकि जो लोग देर से नहाते हैं, उनमें आलस्य अधिक रहता है, वे जल्दी थक जाते हैं और कम उम्र में ही त्वचा की चमक कम हो सकती है।
 
सुबह जल्दी जागकर नहाने के बाद प्रतिदिन सूर्योदय के समय सूर्य को जल अर्पित करना चाहिए। सूर्य को जल चढ़ाने से मान-सम्मान प्राप्ति होती है, ऑफिस हो या घर आपके कार्यों को सराहना मिलती है।
 


नहाने से पहले तेल मालिश करें
 
नहाने से पहले शरीर की अच्छी तरह से तेल मालिश करना चाहिए। तेल मालिश से स्वास्थ्य और त्वचा, दोनों को ही लाभ प्राप्त होता है। इससे त्वचा की चमक बढ़ती है। इस संबंध में यह ध्यान रखना चाहिए कि मालिश के आधे घंटे बाद शरीर को रगड़-रगड़ कर नहाना चाहिए। नहाने के बाद तेल पूरी तरह साफ हो जाना चाहिए। तेल मालिश से शरीर के रोम छिद्रों के द्वार साफ हो जाते हैं। रोम छिद्रों की गंदगी नहाने के बाद निकल जाती है। जिससे वातावरण से प्राप्त होने वाली ऊर्जा सीधे-सीधे शरीर का मिलने लगती है।
नहाते समय करें मंत्रों का जप
 
शास्त्रों के अनुसार दिन के सभी आवश्यक कार्यों के लिए अलग-अलग मंत्र बताए गए हैं। नहाते समय भी हमें मंत्र जप करना चाहिए। स्नान करते समय किसी मंत्र का पाठ किया जा सकता है या कीर्तन या भजन या भगवान का नाम लिया जा सकता है। ऐसा करने से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है।
 
नहाते समय इस मंत्र का जप करना श्रेष्ठ रहता है...
 
मंत्र: गंगे च यमुने चैव गोदावरी सरस्वति। नर्मदे सिन्धु कावेरी जलऽस्मिन्सन्निधिं कुरु।।
नहाते समय सिर पर डाले पहले पानी
 
नहाते समय सबसे पहले सिर पर पानी डालना चाहिए इसके बाद पूरे शरीर पर। इसके पीछे भी वैज्ञानिक कारण है, इस प्रकार नहाने से हमारे सिर एवं शरीर के ऊपरी हिस्सों की गर्मी पैरों से बाहर निकल जाती है। इस प्रकार नहाने से पूरे शरीर को शीतलता प्राप्त होती है, जिससे मन शांत होता है, आलस्य और थकावट भी दूर हो जाती है।

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