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शुद्ध घी से चढ़ाएं हनुमानजी को चोला, ये हैं पूजा के नियम

वर्तमान समय में हनुमानजी सबसे अधिक पूजे जाने वाले देवता हैं। इसलिए इन्हें कलयुग का जीवंत देवता भी कहा जाता है। धर्म ग्रंथों के अनुसार दुनिया में ऐसा कोई सुख नहीं है जो हनुमानजी अपने भक्तों को नहीं दे सकते, लेकिन इसके लिए जरूरी है हनुमानजी के प्रति भक्त का समर्पण।
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3- हनुमानजी को जल चढ़ाते समय इस बात का विशेष ध्यान रखें कि वह जल कुएं का हो और पूरी तरह से साफ-स्वच्छ हो। इसके अलावा भगवान श्रीहनुमान को गंगाजल चढ़ाने का विधान भी है।
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सुबह उठते ही ले हनुमानजी के 12 नाम

धर्म ग्रंथों में हनुमानजी के प्रमुख 12 नाम बताए गए हैं, जिनके द्वारा उनकी स्तुति की जाती है। हनुमानजी के इन 12 नामों का जो रात में सोने से पहले व सुबह उठने पर अथवा यात्रा प्रारंभ करने से पहले पाठ करता है, उसके सभी भय दूर हो जाते हैं और उसे अपने जीवन में सभी सुख प्राप्त होते हैं। हनुमानजी की 12 नामों वाली स्तुति तथा उन नामों के अर्थ इस प्रकार हैं-
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वायुपुत्र- हनुमानजी का एक नाम वायुपुत्र भी है। पवनदेव के पुत्र होने के कारण ही इन्हें वायुपुत्र भी कहा जाता है।
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पिंगाक्ष- पिंगाक्ष का अर्थ है भूरी आंखों वाला। अनेक धर्म ग्रंथों में हनुमान का वर्णन किया गया है। उसमें हनुमानजी को भूरी आंखों वाला बताया है। इसलिए इनका एक नाम पिंगाक्ष भी है।
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क्ष्मण प्राणदाता- जब रावण के पुत्र इंद्रजीत ने शक्ति का उपयोग कर लक्ष्मण को बेहोश कर दिया था, तब हनुमानजी संजीवनी बूटी लेकर आए थे। उसी बूटी के प्रभाव से लक्ष्मण को होश आया था। इन्हें हनुमानजी को लक्ष्मण प्राणदाता भी कहा जाता है।
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