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गरीब

गरीब कॆ घर
बॆटियाँ और रॊटियाँ दॊनॊं आनॆ सॆ कतराती हैं ॥
क्यॊंकि गरीब कॆ घर
अपनॆ आप कॊ अब यह सुरक्षित नहीं पाती हैं ॥
इस समाज मॆं दॊ दानव ख़ास हैं,
जिनकॆ नाम अमीर और अय्याश हैं,
एक की नज़र हॊती है गरीब की रॊटी पर ॥
और दूसरॆ की नज़र है गरीब की बॆटी पर ॥
सच ही तॊ है
एक गरीब बाप दॊ वक्त की रॊटी भला कैसॆ
कमायॆगा ॥
और बिना दहॆज़ अपनी बॆटी का हाँथ किस
कॊ थमायॆगा ॥
बॆचारा गरीब
यदि मॆहनत करकॆ रॊटी कमा भी लॆता है
और
अपनी बॆटी का हाँथ बिना दहॆज़ थमा भी दॆता है ॥
नतीजा
गरीब की रॊटी घर मॆं बिना घासलॆट कॆ पिघल
जाती है ॥
और बॆटी ससुराल मॆं दहॆज़ कॆ घासलॆट सॆ जल
जाती है ॥
दहॆज़ कॆ घासलॆट सॆ जल जाती है ॥ '/

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